Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

प्रभु हे! एइ बार करह करुणा

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प्रभु हे! एइ-बार करह करुणा जुगल-चरण देखि सफल करिब आङ्खि एइ मोर मनेर कामना
अर्थ

हे प्रभु! इस बार मुझ पर कृपा करो। युगल-चरणों के दर्शन से मैं अपनी आँखों को सफल कर लूँगा। यही मेरे मन की कामना है।

निज-पद-सेवा दिया नाहि मोरे उपेक्षिबा दुँहु पहु करुणा-सागर दुँहु बिनु नाहि जानो एइ बड भाग्य मानो मुइ बड पतित पामर
अर्थ

मुझे अपने चरणों की सेवा दो, मेरी उपेक्षा न करो। तुम दोनों प्रभु कृपा के सागर हो। तुम दोनों के सिवा मैं किसी को नहीं जानता, और इसी को अपना बड़ा भाग्य मानता हूँ। मैं बहुत पतित और पापी हूँ। मुझ पर कृपा करो।

ललिता आदेश पाञा चरण सेविब जाञा प्रिय-सखी सङ्गे हय मने दुँहु दात-शिरोमणि अति दीन मोरे जानि निकटे चरण दिबे दाने
अर्थ

ललिता का आदेश पाकर, प्रिय सखियों के संग, मैं जाकर तुम्हारे चरणों की सेवा करूँ, यही मेरे मन में है। तुम दोनों दानियों के शिरोमणि हो। मुझे बहुत दीन जानकर, अपने चरणों के पास रहने का दान दे दो।

पाब राधा-कृष्ण-पा घुचिबे मनेर घा दूरे जाबे ए-सब विकल नरोत्तम दासे कय एइ वाञ्च्छा सिद्धि हय देह प्राण सफल सकल
अर्थ

राधा-कृष्ण के चरण पाकर मेरे मन के सारे घाव मिट जाएँगे, और यह सब दुःख दूर हो जाएगा। नरोत्तम दास कहते हैं कि इस प्रकार मेरी सारी कामनाएँ पूर्ण होंगी, और यह देह और प्राण सर्वथा सफल हो जाएँगे।