Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

राधा कृष्ण सेवों मुञि

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राधा-कृष्ण-सेवोन् मुञि जीवने मरणे ताँर स्थान तँर लीला देखोँ रात्रि दिने
अर्थ

मैं इस जीवन में और मृत्यु के बाद भी राधा-कृष्ण की सेवा करूँगा। रात और दिन मैं उनके दिव्य धाम और लीला का दर्शन करूँगा।

जे स्थाने जे लीला करे जुगल-किशोर सखीर सङ्गिनी हञा तँहे हँअ भोर
अर्थ

युगल-किशोर जिस स्थान पर जो लीला करते हैं, मैं सखियों की संगिनी बनकर वहाँ जाऊँगा, और भोर होने तक उनके साथ रहूँगा।

श्री-रूप-मञ्जरी-पद सेवोँ निरवधि तँर पाद-पद्म मोर मन्त्र-महौषधि
अर्थ

मैं निरंतर श्री रूप-मंजरी के चरणों की सेवा करूँगा। उनके चरण-कमल ही मेरा मंत्र और मेरी महौषधि हैं।

श्री-रती-मञ्जरी देवी मोरे कर दया अनुक्षण देह तुया पाद-पद्म-छाया
अर्थ

हे श्री रति-मंजरी देवी, मुझ पर कृपा करो। मुझे हर क्षण अपने चरण-कमल की छाया दो।

श्री-रास-मञ्जरी देवी कर अबधान अनुक्षण देह तुया पाद-पद्म-ध्यान
अर्थ

हे श्री रास-मंजरी देवी, मुझ पर ध्यान दो। मुझे हर क्षण अपने चरण-कमलों का ध्यान करने दो।

वृन्दावने नित्य नित्य जुगल-विलास प्रार्थना करये सदा नरोत्तम दास
अर्थ

वृन्दावन में युगल की नित्य लीला चलती है, उसमें मुझे स्थान मिले। नरोत्तम दास सदा यही प्रार्थना करते हैं।

ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन भक्त। सभी भक्त गायकों की जय।