रूपेर गौरब केनो भाइ
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4 रिकॉर्डिंगहे भाई, इस शरीर की सुन्दरता का इतना गर्व क्यों? यह देह अनित्य है, यह कभी स्थिर नहीं रहती। जब यमराज आ जाते हैं, तब कुछ भी शेष नहीं रहता। यह शरीर शीतल हो जाएगा, आँखें निश्चल रह जाएँगी, और चिता की अग्नि में यह भस्म हो जाएगा।
जिस सुन्दरता को तू दर्पण में बार-बार निहारता है, वही देह एक दिन कुत्तों और सियारों का भोजन बन जाएगी। जब ऐसा हो, तब तेरे प्रिय वस्त्र और आभूषण कहाँ रहेंगे?
तेरी पत्नी, सन्तान, मित्र और बन्धु-बान्धव सब तुझे श्मशान तक ले जाएँगे, और तेरे शरीर को जलाकर घर लौट आएँगे। तू सोच, वास्तव में तू किसका है, और कौन सचमुच तेरा है? यह जान ले, शरीर का नाश अवश्य होगा।
हे मन, यदि तुझे सच्चा नित्य धन चाहिए, तो सदा भगवान हरि के गुणों का गान कर। सदा हरि-नाम का जप कर। मिथ्या तर्क को त्यागकर श्रीकृष्ण की आराधना कर, जो भक्तिविनोद की एकमात्र शरण हैं।
ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन भक्त। सभी भक्त गायकों की जय।