Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

रूपेर गौरब केनो भाइ

Read in English

सुनें

4 रिकॉर्डिंग
दिखाएँ
टेक्स्ट
रूपेर गौरब केनो भाइ अनित्य ए कलेबर कभु नाहि स्थिरतर शमन आइले किछु नाइ ए अङ्ग शीतल हो'बे अङ्खि स्पन्द-हीन रो'बे चितार आगुने हो'बे छाइ
अर्थ

हे भाई, इस शरीर की सुन्दरता का इतना गर्व क्यों? यह देह अनित्य है, यह कभी स्थिर नहीं रहती। जब यमराज आ जाते हैं, तब कुछ भी शेष नहीं रहता। यह शरीर शीतल हो जाएगा, आँखें निश्चल रह जाएँगी, और चिता की अग्नि में यह भस्म हो जाएगा।

जे सौन्दर्ज हेरो दर्पणेते निरन्तर स्व-शिबार होइबे भोजन जे बस्त्रे आदर कोरो' जेब आभरण पोरो' कोथा सब रोहिबे तखन?
अर्थ

जिस सुन्दरता को तू दर्पण में बार-बार निहारता है, वही देह एक दिन कुत्तों और सियारों का भोजन बन जाएगी। जब ऐसा हो, तब तेरे प्रिय वस्त्र और आभूषण कहाँ रहेंगे?

दारा सुत बन्धु सबे श्मशाने तोमार लो'बे दग्ध कोरि' गृहेते आसिबे तुमि का'र के तोमार एबे बुझि देखो सार देहो-नाश अबश्य घटिबे
अर्थ

तेरी पत्नी, सन्तान, मित्र और बन्धु-बान्धव सब तुझे श्मशान तक ले जाएँगे, और तेरे शरीर को जलाकर घर लौट आएँगे। तू सोच, वास्तव में तू किसका है, और कौन सचमुच तेरा है? यह जान ले, शरीर का नाश अवश्य होगा।

सु-नित्य-सम्बल चाओ हरि-गुण सदा गाओ हरि-नाम जपोहो सदाइ कु-तर्क छाडिया मन कोरो' कृष्ण आराधन बिनोदेर आश्रोय ताहाइ
अर्थ

हे मन, यदि तुझे सच्चा नित्य धन चाहिए, तो सदा भगवान हरि के गुणों का गान कर। सदा हरि-नाम का जप कर। मिथ्या तर्क को त्यागकर श्रीकृष्ण की आराधना कर, जो भक्तिविनोद की एकमात्र शरण हैं।

ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन भक्त। सभी भक्त गायकों की जय।