Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

सुन्दर गौर नट राज

सुन्दर गौर नट-राज काञ्चन कलप-तरु नबद्वीप माझ
अर्थ

सुन्दर प्रभु गौर नर्तकों के राजा हैं। वे नवद्वीप में उगे हुए सोने के कल्पवृक्ष हैं।

हासकि झरये अमिया मकरन्द हारकि तरक-द्योतिर छन्द
अर्थ

उनकी मुस्कान अमृत की मधुर धाराएँ हैं। उनका हार तारों के समूह जैसा चमकता है।

पद-तल अलकि कमल घन-राग ताहे कलहंसकि नूपुर जागे
अर्थ

उनके चरणों के तलवे लाल कमल के फूलों जैसे हैं। उनके नूपुर कूजते हुए हंसों की तरह झंकारते हैं।

गोबिन्द दास कहये मतिमन्त भुलल याहे द्विज-राज बसन्त
अर्थ

गोविन्द दास कहते हैं: बुद्धिमान भक्त ब्राह्मणों के राजा भगवान गौर की महिमा से मतवाले हैं।

इस भजन के बारे में

पद
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