Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

तुमि सर्ब गुण जुत शक्ति तब बशी भूत

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हेरि हे तुमि सर्ब-गुण-जुत शक्ति तब बशी-भूत बदान्य सरल शुचि धीर दोयालु मधुर सम कृती स्थिर सर्बोत्तम कृतज्ञ-लखणे पुनः बीर
अर्थ

हे कृष्ण! आप समस्त दिव्य गुणों से युक्त हैं, समस्त शक्तियाँ आपके अधीन हैं। आप उदार, सरल, पवित्र, धीर, दयालु, मधुर, सबके प्रति समान भाव रखने वाले, पुण्यशील, स्थिर, कृतज्ञ और वीर हैं। आप सबसे श्रेष्ठ हैं।

समस्त कल्याण-गुण गुणामृत सम्भाबन समुद्र-स्वरूप भगबान् बिन्दु बिन्दु गुण तब सर्ब-जीब-सुबैभब तुमि पूर्ण सर्ब-शक्तिमान्
अर्थ

आप सभी कल्याणकारी गुणों के स्वामी हैं, आप गुणों के अमृत-सागर हैं। जीवों में आपके गुणों की बस कुछ बूँदें ही होती हैं। आप सारी शक्तियों के स्वामी हैं, और आपमें वे सारे गुण पूर्ण रूप से हैं।

ए भक्तिबिनोद छार कृताञ्जलि बार बार कोरे चित्त-कथा बिज्ञापन तब दास-गण-सङ्गे तब लीला-कथा-रङ्गे जाय जेन आमार जीबन
अर्थ

राख के ढेर जैसा तुच्छ यह भक्तिविनोद हाथ जोड़कर बार-बार अपने हृदय की बात कहता है। वह विनती करता है, हे प्रभु, मेरा यह जीवन आपके उन दासों की संगति में बीते, जो आपकी लीलाओं की चर्चा में ही आनन्द पाते हैं।