Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

तुवा पदे ए मिनति मोर

(प्रभु हे!) तुवा पदे ए मिनति मोर् तुवा पद-पल्लव, त्यजतो मरु-मन, विषम विषये भेलो भोर्
अर्थ

हे प्रभु! आपके चरणों में यही मेरी प्रार्थना है। आपके कोमल चरणों को त्यागकर मेरा यह मरुभूमि जैसा हृदय संसार के भीषण विषयों में डूब गया है।

उठयिते ताकत, पुन नाहि मिलो-इ, अनुदिन कोरोहुँ हुताश् दीन-जन-नाथ, तुहुँ कहायसि, तुमारि चरण मम आश्
अर्थ

फिर से उठने की शक्ति मुझे नहीं मिलती, इसलिए मैं दिन-रात विलाप करता रहता हूँ। आप दीनजनों के नाथ कहलाते हैं, आपके चरण ही मेरी एकमात्र आशा हैं।

ऐछन दीन-जन, कोहि नाहि मिलो-इ, तुहुँ मोरे कोरो परसाद् तुवा जन-सङ्गे, तुवा कथा-रङ्गे, छाडहुँ सकल परमाद्
अर्थ

मुझ जैसा दीन जीव और कहीं नहीं मिलेगा। आप मुझ पर कृपा कीजिए। तब आपके भक्तों की संगति में और आपकी चर्चा के आनंद में, मैं सारी माया को त्याग दूँगा।

तुवा धाम-माहे, तुवा नाम गाओतो, गोवायबुँ दिवा-निशि आश् तुवा पद-छाया, परम सुशीतल, मागे भकतिविनोद दास्
अर्थ

आपके धाम में रहकर आपका नाम गाते हुए मैं अपने दिन-रात व्यतीत करूँगा। आपका दास भक्तिविनोद आपके चरणों की परम शीतल छाया की याचना करता है।

इस भजन के बारे में

ग्रन्थ
शरणागति
पद
4

ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री। सभी भक्त गायकों की जय।