Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

आजु नव श्याम विनोदिनी

आजु नव श्याम विनोदिनी रा-इ तनु तनु अतनु युत शत सेबित लबणि बरणि ना या-इ
अर्थ

आज राधा श्यामसुंदर कृष्ण के साथ नवीन चंचलता से सुशोभित हैं, उनके सम्पूर्ण अंग की सैकड़ों कामदेव सेवा कर रहे हैं; उनकी सुंदरता का वर्णन नहीं किया जा सकता।

शारद सुधाकर मण्डल खण्डन बदन कमल बिकाश अधरे मिलायत श्याम मनोहर चित चोरायलि हास
अर्थ

शरद पूर्णिमा के चन्द्रमा को भी परास्त करते हुए उनका कमल-मुख खिल उठता है; उनके अधरों पर खिली मुस्कान मनोहर श्यामसुन्दर का चित्त चुरा लेती है।

बरि बकुल-फुले आफुल अलि-कुल मधु पिबि पिबि उतरोल सकल अलङ्कृति करुण झङ्कृति किङ्किणी रणरणि बोल
अर्थ

उनके धारण किए बकुल-पुष्पों का मधु पी-पीकर भ्रमर-समूह उनके चारों ओर मँडराते हैं; उनके सभी आभूषण मृदु और मधुर झंकार करते हैं, और उनकी करधनी की घंटियाँ रुनझुन बजती हैं।

पद-पङ्कज पर मणिमय नूपुर पूरित खञ्जन भाष मदन मुकुर जनु नख मणि-दरपण निछनि गोबिन्द-दास
अर्थ

उनके चरण-कमलों में रत्नों के नूपुर खंजन पक्षी की बोली जैसी झंकार करते हैं। उनके पैरों के नाखून मानो कामदेव के ही दर्पण हों, ऐसे चमकते हैं। गोविन्द दास उन पर अपने को न्योछावर करते हैं।

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पद
4