Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

आमार एमोन भाग्य कोत दिने ह'बे

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टेक्स्ट
आमार एमोन भाग्य कोत दिने ह'बे आमारे आपन बोलि' जनिबे बैष्णबे
अर्थ

मुझे ऐसा सौभाग्य कितने दिनों बाद मिलेगा, जब कोई वैष्णव मुझे अपना कहकर स्वीकार करेगा?

श्री-गुरु-चरणामृत-माध्वीक-सेबने मत्त हो'ये कृष्ण-गुण गाबो बृन्दाबने
अर्थ

श्रीगुरु के चरणामृत रूपी मधु का सेवन करके, उन्मत्त होकर, वृन्दावन में कृष्ण के गुणों का गान कब करूँगा?

कर्मी ज्ञानी कृष्ण-द्वेषी बहिर्मुख-जन घृणा कोरि' अकिञ्चने कोरिबे बर्जन
अर्थ

कब यह दीन व्यक्ति घृणा करके कर्मियों, ज्ञानियों, कृष्ण-द्वेषियों और बहिर्मुख जनों का त्याग करेगा?

कर्म-जोड-स्मार्त-गण कोरिबे सिद्धान्त आचार-रोहित एइ नितान्त अशान्त
अर्थ

कब कर्मी और स्मार्त पंडितजन यह निर्णय करेंगे कि मैं बड़ा अशांत और आचार-रहित व्यक्ति हूँ?

बातुल बोलिया मोरे पण्डिताभिमानी त्यजिबे आमार सङ्ग मायाबादी ज्ञानी
अर्थ

कब पंडिताभिमानी मायावादी ज्ञानी मुझे पागल कहकर मेरा साथ छोड़ देंगे?

कु-सङ्ग-रोहित देखि' बैष्णब-सुजन कृपा कोरि' आमारे दिबेन आलिङ्गन
अर्थ

कब साधु वैष्णवजन मुझे कुसंग से मुक्त देखकर कृपापूर्वक मुझे आलिंगन देंगे?

स्पर्शिया बैष्णब-देह ए दुर्जन छार आनन्दे लोभिबे कबे सत्त्विक-बिकार
अर्थ

कब यह पापी, यह राख का ढेर, किसी वैष्णव की देह को छूकर आनंद से सात्त्विक भावों को पाएगा?