Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

आर केनो माया जाले

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आर केनो माया-जाले पर्डितेछो जीब-मीन नाहि जानो बद्ध हो'ये रो'बे तुमि चिर-दिन
अर्थ

हे जीव, तू माया के जाल में गिरी हुई मछली के समान क्यों बन गया है? तुझे यह ज्ञान नहीं कि तू बहुत लम्बे समय तक उस जाल में बँधा रहेगा।

अति-तुच्छ भोग आशे बन्दी हो'ये माया-पाशे रोहिले बिकृत-भाबे दण्ड्य जथा पराधीन
अर्थ

अत्यन्त तुच्छ भोग की आशा में तू माया के पाश में बँधा रहता है। तेरा जीवन अस्वाभाविक हो गया है, तू मन ही मन रोगी है। दूसरों पर निर्भर होकर तू बार-बार दण्ड पाता है।

एखोन भकति-बले कृष्ण-प्रेम-सिन्धु-जले क्रीडा कोरि' अनायासे थाको तुमि कृष्णाधीन
अर्थ

अब भक्ति के बल से तू मुक्त हो जाएगा। कृष्ण-प्रेम के सागर के जल में सहज ही क्रीड़ा करते हुए तू कृष्ण की शरण में रहेगा और उनका सेवक बन जाएगा।

ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री, हरे कृष्ण मन्दिर। सभी भक्त गायकों की जय।