भज रे भज रे आमार
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3 रिकॉर्डिंगभज, भज रे मेरे मन, तू अत्यन्त मन्द है! (भजन के बिना जीवन का लक्ष्य प्राप्त नहीं होगा।) (भज) व्रज के वनों में श्रीश्री राधा-कृष्ण के चरण-कमलों को! (अरे! ज्ञान और कर्म को त्याग दे।) (भज) (व्रज-वन में श्रीश्री राधा-कृष्ण को)
(भज) भगवान् चैतन्य, भगवान् नित्यानन्द, भगवान् अद्वैत और भगवान् गदाधर को। (जान लो कि भगवान् चैतन्य भगवान् कृष्ण से भिन्न नहीं हैं।) (जान लो कि गुरु भगवान् कृष्ण को सबसे अधिक प्रिय हैं।) (स्मरण करो) श्रीवास, हरिदास ठाकुर, मुरारि गुप्त और मुकुन्द को। (चैतन्य-प्रेम से भरकर उनका स्मरण करो, स्मरण करो!) (स्मरण करो) (श्रीवास, हरिदास ठाकुर और अन्य सभी को।)
(स्मरण करो) रूप गोस्वामी, सनातन गोस्वामी, जीव गोस्वामी और दोनों रघुनाथों को (यदि तुम कृष्ण की भक्ति करना चाहते हो।) (रूप और सनातन का स्मरण करो।) (स्मरण करो) राघव पण्डित, गोपाल भट्ट, स्वरूप दामोदर और रामानन्द राय को (यदि तुम कृष्ण-प्रेम पाना चाहते हो।) (स्वरूप दामोदर और रामानन्द राय का स्मरण करो।)
(स्मरण करो) अपने परिजनों सहित कवि-कर्णपूर और शिवानन्द सेन का। (सदा उनका स्मरण करो, स्मरण करो!) (अपने परिजनों सहित कवि-कर्णपूर का।) (स्मरण करो) रूप गोस्वामी के अनुयायी साधु भक्तों का, जो भजन के आनन्द का स्वाद लेते हैं (यदि तुम व्रज में रहना चाहते हो।) (रूप गोस्वामी के अनुयायी साधुओं का स्मरण करो।)
ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री, इस्कॉन भक्त। सभी भक्त गायकों की जय।