Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
देखिते देखिते भुलिबो बा कबे निज-स्थूल-परिचोय नयने हेरिबो ब्रज-पुर-शोभा नित्य चिद्-आनन्द-मोय
अर्थ

निहारते-निहारते मैं अपनी इस स्थूल भौतिक पहचान को कब भूल जाऊँगी? कब मेरी आँखों के सामने व्रज-पुर की वह नित्य चिदानंदमयी शोभा प्रकट होगी?

बृषभानु-पुरे जनम लोइबो जाबटे बिबाह ह'बे ब्रज-गोपी-भाब होइबे स्वभाब आनो-भाब ना रोहिबे
अर्थ

मैं राजा वृषभानु की नगरी में जन्म लूँगी, यावट-पुर में मेरा विवाह होगा। व्रज-गोपी का भाव ही मेरा स्वभाव बन जाएगा, कोई अन्य भाव शेष नहीं रहेगा।

निज-सिद्ध-देहो निज-सिद्ध-नाम निज-रूप-स्व-बसन राधा-कृपा-बोले लोभिबो बा कबे कृष्ण-प्रेम-प्रकरण
अर्थ

श्री राधा की कृपा के बल से मैं कब अपना सिद्ध शरीर, अपना सिद्ध नाम, अपना रूप, अपने वस्त्र और अपना कृष्ण-प्रेम पाऊँगी?

जमुना-सलिल- आहरणे गिया बुझिबो जुगल-रस प्रेम-मुग्ध हो'ये पागलिनी-प्राय गाइबो राधार जश
अर्थ

यमुना का जल भरने जाते हुए मैं युगल की रस-लीला को समझूँगी। प्रेम में विमुग्ध होकर, पगली के समान, मैं राधा की महिमा गाऊँगी।

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