Nandgram Dham
Nandgram Dham Vaishnava Songs · nandgramdham.org/songs

एइ त व्र्न्दवन पथे

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AI-निर्मित अनुवाद — समीक्षा लंबित

ए-इ त ब्र्न्दबन-पथे निति निति करि गतगते
अर्थ

यह वही वृन्दावन वन का मार्ग है, जिससे होकर हम दिन-प्रतिदिन आते-जाते हैं।

हते करि ल-इ य-इ सोन तुमि के न कहे हेन जन
अर्थ

तू यहाँ हाथ फैलाकर सोना माँग रहा है, तू कौन है? क्या यहाँ कोई भी नहीं जो हमें तेरा नाम तक बता सके?

तुमि देखि पुछह बद-इ किसेर दन चहेन कन-इ
अर्थ

तुझे इस रूप में देखकर हम और पूछते हैं, कन्हाई हमसे किस प्रकार का चुंगी-कर चाहता है?

सन्गे सबे घ्र्तेर पसर तहे केने एतेक जन्जल
अर्थ

हम तो साथ में केवल घी की टोकरियाँ ही लिए जा रही हैं, फिर इस पर इतना बड़ा हंगामा क्यों?

तुमि त बरज युब-रज तुमि केने करिबे अकज
अर्थ

तू तो आखिर व्रज का युवराज है, फिर ऐसा अनुचित काम करने पर क्यों उतर आया है?

दुर कर हस परिहस कहतहिम् गोबिन्द-दस
अर्थ

अपनी हँसी-ठिठोली अब छोड़ दे, ऐसा गोविन्द दास कहते हैं।