Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

गोरा अभिषेक कथा अद्भुत कथन

गोरा अभिषेक कथा अद्भुत कथन शुनिया पण्डित घरे धाय भक्त-गण
अर्थ

भगवान गौर के अभिषेक का अद्भुत समाचार सुनकर भक्त श्रीवास के घर की ओर दौड़ पड़ते हैं।

धा-ओयाधा-इ करि आसि नाचे कुतूहले दु-बाहु तुलिया जय गोराचान्द बले
अर्थ

दौड़ते हुए वे आनन्द में नाचते हैं। बाँहें उठाकर वे पुकारते हैं, “जय गौरचन्द्र!”

चान्द नाचे सूर्य नाचे नाचे तारा-गण ब्रह्मा नाचे बायु नाचे सहस्र लोचन
अर्थ

चन्द्रमा नाचता है। सूर्य नाचता है। तारों का समूह नाचता है। ब्रह्मा नाचते हैं। वायु नाचते हैं। हजार आँखों वाले इन्द्र नाचते हैं।

अरुण बरुण नाचे सब सुर-गण पाताले बासुकि नाचे नाचे नाग-गण
अर्थ

अरुण, वरुण और सब देवता नाचते हैं। पाताललोक में वासुकि नाचते हैं। नाग नाचते हैं।

स्वर्ग नाचे मर्त्य नाचे नाचये पाताल परम आनन्दे नाचे दश दिक्-पाल
अर्थ

स्वर्गलोक में सब नाचते हैं। मर्त्यलोक में सब नाचते हैं। पाताललोक में सब नाचते हैं। परम आनन्द में दस दिशाओं के रक्षक दिक्पाल नाचते हैं।

आनन्दे भकत-गण करये हुङ्कार ए बासु घोषेर मने आनन्द अपार
अर्थ

भक्त आनन्द से हुंकार भरते हैं। वासुदेव घोष के हृदय में आनन्द का विशाल, किनारेहीन सागर भर उठता है।

इस भजन के बारे में

राग
धानसी राग
पद
6