Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

जय जय ध्वनि उठे नदीया नगरे

जय जय ध्वनि उठे नदीया नगरे गोरा अभिषेक आजि पण्डितेर घरे
अर्थ

नदिया के नगरों में “जय! जय!” की ध्वनि उठ रही है। अब श्रीवास के घर में भगवान गौर का अभिषेक किया जाएगा।

एनेछि एनेछि बले अद्वैत गोसाञि महा हुहुङ्कार छाड़े बाह्य-ज्ञान ना-इ
अर्थ

“आओ! आओ!” अद्वैत गोसाईं पुकारते हैं। वे बड़ी हुंकार भरते हैं। उन्हें बाहर की सुध नहीं है।

बाहु तुले नाचे नाड़ा ताधिया ताधिया पाछे पाछे हरिदास फिरेन नाचिया
अर्थ

बाँहें उठाकर नाड़ा (भगवान अद्वैत) उन्मत्त होकर नाचते हैं, और उनके पैरों से “ताधिया! ताधिया!” की ध्वनि उठती है। उनके पीछे-पीछे हरिदास घूम-घूमकर नाचते हैं।

श्रीबास श्रीपण्डित आर श्रीनिधि श्रीराम हर्ष-भरे नृत्य करे नयनाभिराम
अर्थ

श्रीवास, श्रीपति, श्रीनिधि और श्रीराम आनन्द से भरकर नाचते हैं। उन्हें नाचते देखना आँखों को आनन्द देता है।

जय रे गौराङ्ग जय अद्वैत निता-इ बलि भक्त-गण आसे करि धा-ओयाधा-इ
अर्थ

“जय गौरांग! जय अद्वैत निताई!” पुकारते हुए भक्त दौड़-दौड़कर उनके पीछे-पीछे आते हैं।

केह प्रेमे नाचे गाय केह प्रेमे हासे गोरा अभिषेक-लीला गाय बासु-घोषे
अर्थ

कोई प्रेम के आवेश में नाचता और गाता है। कोई प्रेम के आवेश में हँसता है। वासुदेव घोष भगवान गौर की अभिषेक-लीला का वर्णन करता हुआ यह गीत गाते हैं।

इस भजन के बारे में

पद
6