नंदग्राम धाम
वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
गोरा मोर शुधाइ काँचा सोना
गोरा मोर शुधा-इ काँचा सोना
यतने करह लाभ धनी ह-इबार यार
मरमेते आछये बासना
हेन निकषित हेम भुबने ना मिले आर
अतुलन गोरा द्विज-मणि
सतति बाजार धन एकेक माणिक नाकि
ए माणिकेर मूल्य नाहि जानि
गोलोक बैकुण्ठ-पुरे ए धन गोपन छिल
श्री-राधार प्रेम-कोटा-राय
जीबेर निस्तार हेतु शान्तिपुर-नाथ ताहे
हुङ्कारे आनिल नदीयाय
नरहरि दास भणे जीबेर कपाल गुणे
ह-इल गौराङ्ग अबतार
बिना-मूले गोरा-धन यदि कर अकिञ्चन
आय निता-इर प्रेमेर बाजार