Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
कबे मोर शुभ-दिन होइबे उदोय बृन्दाबन-धाम मम होइबे आश्रोय
अर्थ

मेरा शुभ दिन कब उदय होगा? कब वृन्दावन-धाम मेरा आश्रय बनेगा?

घुचिबे सोंसार-ज्वाला बिषय-बासना बैष्णबे सोंसर्गे मोर पूरिबे कामना
अर्थ

मेरी विषय-वासनाएँ कब मिटेंगी? संसार की ज्वाला कब बुझेगी? वैष्णवों के संग से मेरी कामना कब पूरी होगी?

धुलाय धूसर हो'ये हरि-सङ्कीर्तने मत्त हो'ये पोडे रो'ब बैष्णब-चरणे
अर्थ

कब मैं हरि-संकीर्तन में उन्मत्त होकर धूल में लोटूँगा, और धूल से धूसर होकर वैष्णवों के चरणों में पड़ा रहूँगा?

कबे श्री-जमुना-तीरे कदम्ब-कानने हेरिबो जुगल-रूप हृदोय-नयने
अर्थ

कब यमुना के तट पर कदंब वन में हृदय की आँखों से युगल-रूप का दर्शन करूँगा?

कबे सखी कृपा कोरि' जुगल-सेबाय निजुक्त कोरिबे मोरे राखि' निज पा'य
अर्थ

कब कोई सखी कृपा करके मुझे अपने चरणों में रखकर युगल-सेवा में नियुक्त करेगी?

कबे बा जुगल-लीला कोरि' दरशन प्रेमानन्द-भोरे आमि ह'बो अचेतन
अर्थ

कब युगल-लीला का दर्शन करते हुए, प्रेमानंद से अभिभूत होकर, मैं अचेत हो जाऊँगा?

कत खण अचेतन पोडिया रोहिबो आपन शरीर आमि कबे पाशरिबो
अर्थ

कितने क्षण तक मैं अचेत पड़ा रहूँगा? कब मैं अपनी देह को भूल जाऊँगा?

उठिया स्मरिबो पुनः अचेतन-काले जा' देखिनु कृष्ण-लीला भासि' अङ्खि-जले
अर्थ

चेत में लौटकर मैं फिर उस कृष्ण-लीला का स्मरण करूँगा जो मैंने अचेत अवस्था में देखी थी, और आँखों के जल में बह जाऊँगा।

काकुति मिनति कोरि' बैष्णब-सदने बोलिबो भकति-बिन्दु देहो' ए दुर्जने
अर्थ

कब मैं वैष्णवों की सभा में रुँधे गले से विनती करके कहूँगा, 'इस दुर्जन को भक्ति की एक बूँद दे दो'?

श्री-अनङ्ग-मञ्जरीर चरण शरण ए भक्तिबिनोद आशा कोरे अनुखण
अर्थ

भक्तिविनोद हर क्षण श्री अनंग-मंजरी के चरणों की शरण पाने की आशा करते हैं।