Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

किये हम पेखलुँ कनक पुतलिया

किये हम पेखलुँ कनक पुतलिया शचीर अङ्गिनाय नाचे धूलि धूसरिया
अर्थ

मैं यह क्या देख रहा हूँ? क्या मैं शची के आँगन में नाचती हुई सोने की पुतली देख रहा हूँ, धूल से सनी हुई सोने की पुतली?

चौदिके दिगम्बर बालक बेड़िया तार माझे गोरा नाचे हरि हरि बलिया
रातुल कमल पदे धाय दिनमणिया जननी शुनये भाल नूपुर सु-ध्वनिया
अर्थ

उनके लालिमा-भरे चरण-कमल सूर्य से भी अधिक तेजोमय हैं। उनकी पायलों की झंकार को शची साफ सुनती हैं।

बासुदेब घोष कहे शिशु-रस जानिया धन्य नदीयार लोक नबद्वीप धनिया
अर्थ

वासुदेव घोष कहते हैं: भगवान गौर की बाल-लीलाओं को देखने का अमृत चखकर नदिया के लोग धन्य हैं। नवद्वीप के लोग तो विशेष रूप से धन्य हैं।

इस भजन के बारे में

राग
बेलोयार राग, दशकोशी
पद
4