Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

निराकार निराकार कोरिया चित्कार

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टेक्स्ट
निराकार निराकार कोरिया चित्कार केनो साधकेर शान्ति-भङ्गो भाइ बार बार
अर्थ

बार-बार "निराकार! निराकार!" चिल्लाकर, तुम साधकों की शान्ति क्यों भंग करते हो, हे भाइयो?

तुमि ज' बुझेछो भाल तै लो'ये काटो काल भक्ति बिना फलोदोय तर्के नाहि जानो सार
अर्थ

तुम सोचते हो कि तुम सत्य जानते हो, परन्तु तुम केवल समय व्यर्थ कर रहे हो। यह जान लो कि भक्ति के बिना तर्क और वाद-विवाद से कुछ भी अच्छा नहीं मिल सकता।

सामान्य तर्केरे बले भक्ति नाहि आस्वादिले जनम होइलो बृथा ना कोरिले सु-बिचार
अर्थ

केवल साधारण तर्क के बल पर तुम भक्ति की मिठास का स्वाद नहीं ले सके। तुमने सही समझ प्राप्त नहीं की, इसलिए तुम्हारा जन्म व्यर्थ गया।

रूपाश्रोये कृष्ण भजि' जदि हरि-प्रेमे मजि ता' होले अलभ्य भाइ कि कोरिबे बोलो आर
अर्थ

यदि मैं श्रील रूप गोस्वामी की शरण लेकर भगवान कृष्ण की भक्ति करूँ, और हरि-प्रेम में डूब जाऊँ, तो मुझे क्या अप्राप्य रह जाएगा? हे भाइयो, तुम इस पर क्या कहते हो?