Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

ओहे हरि नाम तब महिमा अपार

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ओहे हरि-नाम तब महिमा अपार तब पदे नति आमि कोरि बार बार
अर्थ

हे हरि-नाम, आपकी महिमा असीम है। मैं बार-बार आपके चरणों में नमन करता हूँ।

गोकुलेर महोत्सब आनन्द-सागोर तोमार चरणे पर्डि होइया कतोर
अर्थ

हे गोकुल के महोत्सव, हे आनन्द के सागर, मैं, जो अत्यन्त दुखी हूँ, आपके चरणों में गिर पड़ता हूँ।

तुमि कृष्ण पूर्ण-बपु रसेर निदान तब पदे पोर्डि' तब गुण कोरि गान
अर्थ

आप स्वयं भगवान कृष्ण हैं। आप उनका पूर्ण रूप हैं। आप वह स्रोत हैं जिससे रस की धाराएँ बहती हैं। आपके चरणों में गिरकर, मैं आपकी महिमा का गान करता हूँ।

जे कोरे तोमार पदे एकान्त आश्रोय ता'र आर्ति-राशि नाश कोरोहो निश्चोय
अर्थ

जो कोई भी आपके चरणों की अनन्य शरण लेता है, आप निश्चय ही उसके सारे कष्टों का नाश कर देते हैं।

सर्ब अपराध तुमि नाश कोरो ता'र नाम-अपराधाबधि नाशहो ताहार
अर्थ

आप उसके सभी अपराधों का नाश करते हैं, यहाँ तक कि नाम के प्रति किए गए उसके अपराधों का भी।

सर्ब-दोष धौत कोरि' ताहार हृदोय सिंहासने बैसे तुमि परम आश्रोय
अर्थ

उसके सारे दोष धोकर, आप, जो परम शरण हैं, उसके हृदय में सिंहासन पर बैठ जाते हैं।

अति-रम्य चिद्-घन-आनन्द-मूर्तिमान रसो वै सः बोलि' बेद कोरे तोया गान
अर्थ

आपका रूप दिव्य, नित्य, आनन्दमय और अत्यन्त सुन्दर है। "रसो वै सः" (वे ही सम्पूर्ण आनन्द के भंडार हैं) कहकर वेद आपकी महिमा का गान करते हैं।

भक्तिबिनोद रूप-गोस्वामी-चरणे मागये सर्बदा नाम-स्फूर्ति सर्ब-खणे
अर्थ

श्रील रूप गोस्वामी के चरणों में भक्तिविनोद प्रार्थना करते हैं कि नाम हर क्षण उनके सामने प्रकट होता रहे।

ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन भक्त। सभी भक्त गायकों की जय।