राधे! पूर्वाह्ने श्री कृष्ण धेनु मित्र सह
हे राधे! पूर्वाह्न में श्रीकृष्ण गायों और सखाओं के साथ वन की ओर चलेंगे। श्रीकृष्ण के प्रेम के वश माता-पिता कितनी दूर तक साथ जाएँगे!
देखते-देखते हम आपके साथ यावट की ओर चल पड़ेंगी। उसी तरह कृष्ण भी साथियों को लेकर सुख से गोवर्धन की ओर चलते हैं।
हे राधे, सूर्य-पूजा के लिए जटिला के आदेश से मैं आपसे मिलूँगी। आपके अभिसार की साध पूरी करने के लिए सब सखियाँ पूजा की सामग्री लेकर आएँगी।
आपके आदेश पर कृष्ण को खोजने तुलसी और मैं, आपकी दासी, राधाकुण्ड जाएँगी, और कृष्ण का समाचार लेकर आपको आ सुनाएँगी।
इस भजन के बारे में
- रचयिता
- भक्तिविनोद ठाकुर · जीवनी पढ़ें
- ग्रन्थ
- सेवा लालसा
- भाव
- पद
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