Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

राधे! तबे गोवर्धने धेनु मित्र राखि

राधे! तबे गोवर्धने, धेनु मित्र राखि सुबल मधुमङ्गले सङ्गे लञा हरि, राधा-कुण्ड प्रति चलिलेन नाना छले
अर्थ

हे राधे! तब गोवर्धन पर गायों और सखाओं को छोड़कर, हरि तरह-तरह के बहाने बनाकर सुबल और मधुमंगल को साथ लेकर राधाकुण्ड की ओर चल पड़े।

तव प्रेमे बाँधा, तोमाके छाडिया कृष्णेर ना हय सुख तोमा ना देखिले, विरहे विह्वल कृष्ण बड पाय दुःख
अर्थ

आपके प्रेम में बँधे कृष्ण को आपको छोड़कर सुख नहीं मिलता। आपको न देखें तो वे विरह में व्याकुल होकर बहुत दुःख पाते हैं।

तुलसी ओ मोरे, देखिया देखिया साहस हयेछे अति गेल राधा-कुण्ड, त्वदीय कानने परिहास पटु अति
अर्थ

तुलसी को और मुझे देख-देखकर उनका साहस बहुत बढ़ गया है। हँसी-ठिठोली में बड़े चतुर वे राधाकुण्ड पर आपके उपवन में चले गए हैं।

अग्रसर हञा, चल सबे याइ कृष्णे कर परिहास तव जय हबे, तखन आमरा हैब परमोल्लास
अर्थ

चलिए, हम सब आगे बढ़कर चलें और कृष्ण से परिहास करें! आपकी जीत होगी, और तब हम सब परम उल्लास से भर जाएँगी।

इस भजन के बारे में

ग्रन्थ
सेवा लालसा
पद
4