Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

राधे! कृष्ण कथा शुनि दादा बलराम

राधे! (आर बलि शुन) कृष्ण-कथा शुनि, दादा बलराम परम पुलके कय ओहे भाई कृष्ण, तोरे ना देखिले मम बल नाहि रय
अर्थ

हे राधे! (और सुनिए) कृष्ण की बात सुनकर दादा बलराम बड़े पुलकित होकर कहते हैं, "हे भाई कृष्ण, तुम्हें न देखूँ तो मेरा बल ही नहीं रहता...

कि जानि असुर, तव अदर्शने करिबे गो-धन चुरि तव सखा-गण, कत कष्ठ पाबे स्मरण राखिबे हरि
अर्थ

"...कौन जाने, तुम्हारे न दिखने पर कोई असुर गो-धन चुरा ले। तुम्हारे सखा कितना कष्ट पाएँगे और हरि को ही याद करते रहेंगे...

वनेते भरमिबे, सङ्गे केह नाइ आमार हैबे चिन्ता रिपु-कुल भारि, तोरे कष्ठ दिबे सङ्गे याइ रिपु हन्ता
अर्थ

"...तुम वन में अकेले घूमोगे, साथ कोई न होगा, तो मुझे चिन्ता होगी। शत्रुओं का दल भारी है, तुम्हें कष्ट देगा। मैं, शत्रुओं का संहारक, तुम्हारे साथ चलता हूँ।"

कृष्ण बले दादा, तोमार प्रतापे आमि कारे नाहि डरी यदि आसे कंश, करि तारे ध्वंश थाक धेनु रक्षा करि
अर्थ

कृष्ण कहते हैं, "दादा, आपके प्रताप से मैं किसी से नहीं डरता। यदि कंस भी आ जाए तो मैं उसका नाश कर दूँगा। आप यहीं रहकर गायों की रक्षा कीजिए।"

इस भजन के बारे में

ग्रन्थ
सेवा लालसा
पद
4