Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

राधे! तथा नीलमणि गो-दोहन सारि

राधे! तथा नीलमणि, गो-दोहन सारि स्नानादि सु-समापने अपाङ्ग दर्शने, तोमारे हेरिया जननीके डाकि आने
अर्थ

हे राधे! वहाँ नीलमणि (कृष्ण) गायें दुहकर और स्नान आदि पूरा करके, कनखियों से आपको देखकर अपनी माँ को पुकार लाते हैं।

बले ओ जननी, क्षुधित हैनु अनेक हैल दिन कराह भोजना, याब गोचारणे लये गाभि सखा-गण
अर्थ

वे कहते हैं, "हे माँ, मुझे भूख लगी है! दिन बहुत चढ़ आया है। मुझे भोजन कराओ; मैं गायों, बछड़ों और सखाओं को लेकर गो-चारण के लिए जाऊँगा।"

सकले बसिया, भोजन करिबे अनेक प्रशंसा करि तव पक्क अन्न, अनेक विरमि विपिन चलब हरि
अर्थ

सब बैठकर भोजन करेंगे और आपके पकाए अन्न की खूब प्रशंसा करेंगे। फिर भरपूर विश्राम करके हरि वन को जाएँगे।

तबे मा यशोदा, कृष्ण अवशेष तोमारे खाउयाबे सुखे यत सखी तव, पाइब प्रसाद चलि यावताभिमुखे
अर्थ

तब माँ यशोदा बड़े सुख से कृष्ण का अवशेष आपको खिलाएँगी। आपकी सब सखियाँ भी प्रसाद पाएँगी, और हम यावट की ओर चल देंगी।

इस भजन के बारे में

ग्रन्थ
सेवा लालसा
पद
4