- पद 1भजन(जय) राधा-माधव (जय) कुञ्ज-बिहारी
(जय) गोपी-जन-वल्लभ (जय) गिरि-वर-धारी
(जय) जशोदा-नन्दन, (जय) ब्रज-जन-रञ्जन,
(जय) जामुन-तीर-वन-चारी
“जय राधा माधव” के परिणाम
536 भजन · 902 पद भजन के शब्दों में
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1 पद भजन में
10
1 पद भजन में
2
- पद 1भजनजय राधा-माधव राधा-माधव राधे
(जयदेवेर प्राण-धन हे)
1 पद भजन में
- पद 1भजन(जय) राधा-वल्लभ, (जय) राधा-विनोद
(जय) राधा-माधव, (जय) राधा-प्रमोद
1 पद भजन में
3
- पद 1भजनजय जय राधा कृष्ण जुगल-मिलन
आरति करोवे ललितादि सखी-गण
4 पद भजन में
3
3 पद भजन में
- पद 1भजनजय जय श्री-कृष्ण-चैतन्य दया-सिन्धु
पतित उद्धार हेतु जय दीन-बन्धु - पद 2भजनजय प्रेम-भक्ति-दाता दया कर मोरे
दन्ते तृण करि डाके ए दास पामरे
इस भजन में 1 और मिलान दिखाएँ
- पद 6भजनबिशेष प्रतिज्णा शुनि ए-इ कलि-युगे
ए-इ भरसाय राधामोहन पापी मागे
1 पद भजन में
5
- पद 1भजनराधे जय जय माधव-दयिते
गोकुल-तरुणी-मण्डल-महिते
1 पद भजन में
3
- पद 1भजनजय राधा गिरि-वर धारि
श्री नन्द-नन्दन वृषभानु-दुलारि
(वृषभानु दुलारि राधे वृषभानु-दुलारि)
2 पद भजन में
1 पद भजन में
- पद 1भजनहरि हे दयाल मोर जय राधा-नाथ
बार बार ए-इ बार लह निज साथ
1 पद भजन में
- पद 1भजनहरि हे दोयाल् मोर् जय राधा-नाथ्
बारो बारो एइ-बारो लोहो निज साथ्
1 पद भजन में
- पद 1भजनदेख राधा-माधव मेलि
मूरति मदन रस-केलि
1 पद भजन में
- पद 1भजनराधा-माधवयोर् एतद् वक्ष्ये नाम-युगाष्टकम्
राधा-दामोदरौ पूर्वं राधिका-माधवौ ततः
12 पद भजन में
- पद 1भजनजय जय गुरु गोसाञी-श्री-चरण सार
याहा हैते हब पार ए भब-संसार - पद 3भजनजय रूप सनातन भट्ट रघुनाथ
श्री-जीब गोपाल भट्ट दास रघुनाथ
इस भजन में 10 और मिलान दिखाएँ
- पद 4भजनजय ए-इ छय गोसाञीर करुम चरण बन्दन
याहा हैते बिघ्न नाश अभीष्ट पूरण - पद 5भजनजय रस-नागरी जय नन्द-लाल
जय जय मदन-मोहन श्री-गोपाल - पद 6भजनजय शची-सुत गौराङ्ग-सुन्दर
जय नित्यानन्द पद्माबतीर कोँअर - पद 7भजनजय जय सीता-नाथ अद्वैत गोसाञी
याहार करुणा-बले गोरा-गुण गा-इ - पद 8भजनजय जय श्रीबास जय गदाधर
जय स्वरूप रामानन्द प्रेमेर सागर - पद 9भजनजय जय सनातन जय श्री-रूप
जय जय रघुनाथ प्राणेर स्वरूप - पद 10भजनजय गौर-भक्त-बृन्द दया कर मोरे
सबार चरण-धूलि धरि निज शिरे - पद 11भजनजय जय नीलाचल-चन्द्र जगन्नाथ
मो पापिरे दया करि कर आत्म-साथ - पद 12भजनजय जय गोपाल देब भकत-बत्सल
नब घन जिनि तनु परम उज्ज्वल - पद 13भजनजय जय गोपीनाथ प्रभु प्राण मोर
पुरी गोसाञीर लागि यार नाम क्षीर-चोर
12 पद भजन में
9
- पद 1भजनप्रलय-पयोधि-जले धृतवान् असि वेदं
विहित-वहित्र-चरित्रम् अखेदम्
केशव धृत-मीन-शरीर जय जगदीश हरे - पद 2भजनक्षितिर् इह विपुलतरे तिष्ठति तव पृष्ठे
धरणि-धरण-किण-चक्र-गरिष्ठे
केशव धृत-कूर्म-शरीर जय जगदीश हरे
इस भजन में 10 और मिलान दिखाएँ
- पद 3भजनवसति दशन-शिखरे धरणी तव लग्ना
शशिनि कलङ्क-कलेव निमग्ना
केशव धृत-शूकर-रूप जय जगदीश हरे - पद 4भजनतव कर-कमल-वरे नखम् अद्भुत-शृङ्गं
दलित-हिरण्यकशिपु-तनु-भृङ्गम्
केशव धृत-नरहरि-रूप जय जगदीश हरे - पद 5भजनछलयसि विक्रमणे बलिम् अद्भुत-वामन
पद-नख-नीर-जनित-जन-पावन
केशव धृत-वामन-रूप जय जगदीश हरे - पद 6भजनक्षत्रिय-रुधिर-मये जगद्-अपगत-पापम्
स्नपयसि पयसि शमित-भव-तापम्
केशव धृत-भृगुपति-रूप जय जगदिश हरे - पद 7भजनवितरसि दिक्षु रणे दिक्-पति-कमनीयं
दश-मुख-मौलि-बलिम् रमणीयम्
केशव धृत-राम-शरीर जय जगदिश हरे - पद 8भजनवहसि वपुषि विशदे वसनं जलदाभं
हल-हति-भीति-मिलित-यमुनाभम्
केशव धृत-हलधर-रूप जय जगदिश हरे - पद 9भजननिन्दासी यज्ञ-विधेर् अहह श्रुति-जातं
सदय-हृदय दर्शित-पशु-घातम्
केशव धृत-बुद्ध-शरीर जय जगदीश हरे - पद 10भजनम्लेच्छ-निवह-निधने कलयसि करवालं
धूमकेतुम् इव किम् अपि करालम्
केशव धृत-कल्कि-शरीर जय जगदीश हरे - पद 11भजनश्री-जयेदेव-कवेर् इदम् उदितम् उदारं
शृणु सुख-दं शुभ-दं भव-सारम्
केशव धृत-दश-विध-रूप जय जगदीश हरे - पद 12भजनवेदान् उद्धरते जगन्ति वहते भू-गोलम् उद्बिभ्रते
दैत्यं दारयते बलिं छलयते क्षत्र-क्षयं कुर्वते
पौलस्त्यं जयते हलं कलयते कारुण्यम् आतन्वते
म्लेच्छान् मूर्छयते दशकृति-कृते कृष्णाय तुभ्यं नमः
10 पद भजन में
- पद 1भजनगृहे राधा वने राधा राधा पृष्ठे पुरः स्थिता
यत्र यत्र स्थिता राधा राधैवाराध्यते मया - पद 2भजनजिह्वा राधा श्रुतौ राधा राधा नेत्रे हृदि स्थिता
सर्वाङ्ग-व्यापिनी राधा राधैवाराध्यते मया
इस भजन में 8 और मिलान दिखाएँ
- पद 3भजनपूजा राधा जपो राधा राधिका चाभिवन्दने
स्मृतौ राधा शिरो राधा राधैवाराध्यते मया - पद 4भजनगाने राधा गुणे राधा राधिका भोजने गतौ
रत्रौ राधा दिवा राधा राधैवाराध्यते मया - पद 5भजनमाधुर्ये मधुरा राधा महत्त्वे राधिका गुरुः
सौन्दर्ये सुन्दरी राधा राधैवाराध्यते मया - पद 6भजनराधा रस-सुधा-सिन्धु राधा सौभाग्य-मञ्जरी
राधा व्रजाङ्गना-मुख्या राधैवाराध्यते मया - पद 7भजनराधा पद्मानना पद्मा पद्मोद्भव-सुपूजिता
पद्मे विवेचिता राधा राधैवाराध्यते मया - पद 8भजनराधा कृष्णात्मिका नित्यं कृष्णो राधात्मको ध्रुवम्
वृन्दावनेश्वरी राधा राधैवाराध्यते मया - पद 10भजनकृष्णेन पठितं स्तोत्रं राधिका-प्रीतये परम्
यः पठेत् प्रयतो नित्यं राधा-कृष्णान्तिगो भवेत् - पद 11भजनआराधित-मनाः कृष्णो राधाराधित-मानसः
कृष्णाकृष्त-मना राधा राधा-कृष्णेति यः पठेत्
12 पद भजन में
- पद 1भजनप्रलय-पयोधि-जले धृतवान् असि वेदं विहित-वहित्र-चरित्रम् अखेदम्
केशव धृत-मीन-शरीर जय जगदीश हरे - पद 2भजनक्षितिर् इह विपुलतरे तिष्ठति तव पृष्ठे
धरणि-धरण-किण-चक्र-गरिष्ठे
केशव धृत-कूर्म-शरीर जय जगदीश हरे
इस भजन में 10 और मिलान दिखाएँ
- पद 3भजनवसति दशन-शिखरे धरणी तव लग्ना
शशिनि कलङ्क-कलेव निमग्ना
केशव धृत-शूकर-रूप जय जगदीश हरे - पद 4भजनतव कर-कमल-वरे नखम् अद्भुत-शृङ्गं
दलित-हिरण्यकशिपु-तनु-भृङ्गम्
केशव धृत-नरहरि-रूप जय जगदीश हरे - पद 5भजनछलयसि विक्रमणे बलिम् अद्भुत-वामन
पद-नख-नीर-जनित-जन-पावन
केशव धृत-वामन-रूप जय जगदीश हरे - पद 6भजनक्षत्रिय-रुधिर-मये जगद्-अपगत-पापं
स्नपयसि पयसि शमित-भव-तापम्
केशव धृत-भृगुपति-रूप जय जगदीश हरे - पद 7भजनवितरसि दिक्षु रणे दिक्-पति-कमनीयं
दश-मुख-मौलि-बलिं रमणीयम्
केशव धृत-राम-शरीर जय जगदीश हरे - पद 8भजनवहसि वपुषि विशदे वसनं जलदाभं
हल-हति-भीति-मिलित-यमुनाभम्
केशव धृत-हलधर-रूप जय जगदीश हरे - पद 9भजननिन्दसि यज्ञ-विधेर् अहह श्रुति-जातं
सदय-हृदय दर्शित-पशु-घातम्
केशव धृत-बुद्ध-शरीर जय जगदीश हरे - पद 10भजनम्लेच्छ-निवह-निधने कलयसि करवालं
धूमकेतुम् इव किम् अपि करालम्
केशव धृत-कल्कि-शरीर जय जगदीश हरे - पद 11भजनश्री-जयदेव-कवेर् इदम् उदितम् उदारं
शृणु सुख-दं शुभ-दं भव-सारम्
केशव धृत-दश-विध-रूप जय जगदीश हरे - पद 12भजनवेदान् उद्धरते जगन्ति वहते भू-गोलम् उद्बिभ्रते
दैत्यं दारयते बलिं छलयते क्षत्र-क्षयं कुर्वते
पौलस्त्यं जयते हलं कलयते कारुण्यम् आतन्वते
म्लेच्छान् मूर्छयते दशाकृति-कृते कृष्णाय तुभ्यं नमः
2 पद भजन में
8 पद भजन में
6
- पद 1भजनकृष्ण-प्रेम-मयी राधा
राधा प्रेम-मयो हरिः
जीवने निधने नित्यं
राधा-कृष्णौ गतिर् मम - पद 2भजनकृष्णस्य द्रविनं राधा
राधाया द्रविनं हरिः
जीवने निधने नित्यं
राधा-कृष्णौ गतिर् मम
इस भजन में 6 और मिलान दिखाएँ
- पद 3भजनकृष्ण-प्राण-मयी राधा
राधा-प्राण-मयो हरिः
जीवने निधने नित्यं
राधा-कृष्णौ गतिर् मम - पद 4भजनकृष्ण-द्रव-मयी राधा
राधा-द्रव-मयो हरिः
जीवने निधने नित्यं
राधा-कृष्णौ गतिर् मम - पद 5भजनकृष्ण-गेहे स्थिता राधा
राधा-गेहे स्थितो हरिः
जीवने निधने नित्यं
राधा-कृष्णौ गतिर् मम - पद 6भजनकृष्ण-चित्त-स्थिता राधा
राधा-चित्त-स्थितो हरिः
जीवने निधने नित्यं
राधा-कृष्णौ गतिर् मम - पद 7भजननीलाम्बर-धरा राधा
पीताम्बर-धरो हरिः
जीवने निधने नित्यं
राधा-कृष्णौ गतिर् मम - पद 8भजनवृन्दावनेश्वरी राधा
कृष्णो वृन्दावनेश्वरः
जीवने निधने नित्यं
राधा-कृष्णौ गतिर् मम
9 पद भजन में
2
- पद 1भजनश्रित-कमला-कुच-मण्डल (हे)
धृत-कुण्डल (ए)
कलित-ललित-वन-माला
जय जय देव हरे - पद 2भजनदिन-मणि-मण्डल-मण्डन (हे)
भव-खण्डन (ए)
मुनि-जन-मानस-हंस
जय जय देव हरे
इस भजन में 7 और मिलान दिखाएँ
- पद 3भजनकालिय-विषधर-गञ्जन (हे)
जन-रञ्जन (ए)
यदु-कुल-नलिन-दिनेश
जय जय देव हरे - पद 4भजनमधु-मुर-नरक-विनाशन (हे)
गरुडासन (ए)
सुर-कुल-केलि-निदान
जय जय देव हरे - पद 5भजनअमल-कमल-दल-लोचन (हे)
भव-मोचन (ए)
त्रिभुवन-भुवन-निधान
जय जय देव हरे - पद 6भजनजनक-सुता-कृत-भूषण (हे)
जित-दूषण (ए)
समर-शमित-दश-कण्ठ
जय जय देव हरे - पद 7भजनअभिनव-जलधर-सुन्दर (हे)
धृत-मन्दर (ए)
श्री-मुख-चन्द्र-चकोर
जय जय देव हरे - पद 8भजनतव चरणं प्रणत वयम् (हे)
इति भावय (ए)
कुरु कुशलम् प्रणतेषु
जय जय देव हरे - पद 9भजनश्री-जयदेव-कवेर् इदं (हे)
कुरुते मुदम् (ए)
मङ्गलम् उज्ज्वल-गीतं
जय जय देव हरे