Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

श्री कृष्ण बिरहे राधिकार दास

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टेक्स्ट
श्री-कृष्ण-बिरहे राधिकार दास आमि तो' सहिते नारि जुगल-मिलन- सुखेर कारण जीबन छाडिते पारि
अर्थ

कृष्ण के विरह में राधिका की जो दशा होती है, उसे मैं सहन नहीं कर सकती। युगल के मिलन के सुख के लिए मैं अपना जीवन भी त्याग सकती हूँ।

राधिका-चरण त्यजिया आमार खणेके प्रलोय होय राधिकार तरे शत-बार मरि से दुःख आमार सोय
अर्थ

राधिका के चरणों को क्षण भर के लिए भी छोड़ दूँ तो मुझ पर मानो प्रलय टूट पड़े। राधिका के लिए मैं सौ बार मरने को तैयार हूँ, वह दुःख मैं सहर्ष सह लूँगी।

ए हेनो राधार चरण-जुगले परिचर्जा पा'बो कबे हह ब्रज-जन मोरे दोया कोरि' कबे ब्रज-बने लो'बे
अर्थ

राधा के इन दोनों चरणों की सेवा मुझे कब मिलेगी? हे व्रजवासियों, तुम मुझ पर कब दया करके मुझे व्रज के वन में ले चलोगे?

बिलास मञ्जरी अनङ्ग मञ्जरी श्री रूप मञ्जरी आर आमाके तुलिया लोहो निज पदे देहो' मोरे सिद्धि सार
अर्थ

हे विलास-मञ्जरी! हे अनंग-मञ्जरी! हे श्री रूप-मञ्जरी! मुझे उठाकर अपने चरणों में रख लो और मुझे सिद्धि का सार प्रदान करो।