नंदग्राम धाम
वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
श्री पृथ्वी देवी प्रणाम
दिखाएँ
अक्षर
100%
गाते समय
समुद्र-वसने देवि
पर्वत-स्तन-मण्डले
विष्णु-पत्नि नमस् तुभ्यं
पाद-स्पर्शं क्षमस्व मे
अर्थ
हे देवी, समुद्र आपका वस्त्र है और पर्वत आपके वक्ष हैं। हे भगवान् विष्णु की पत्नी, आपको नमस्कार है। मेरे पैरों से आपको छूने के लिए मुझे क्षमा कीजिए।
इस भजन के बारे में
- ग्रन्थ
- प्रणाम मन्त्र
- भाव
- पद
- 1