Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

तोमार ईखन होय सकल उत्पत्ति लोय

हरि हे तोमार ईखन होय सकल उत्पत्ति लोय चतुर्दश भुबनेते जत जोड जीब आदि कोरि' तोमार कृपाय होरि लभे जन्म आर को'बो कोत
अर्थ

हे हरि! आपकी एक दृष्टि से ही सारी सृष्टि उत्पन्न होती है और उसी में लीन होती है। चौदह लोकों में जड़ पदार्थ और जीव आदि जो कुछ भी है, वह सब आपकी कृपा से ही जन्म पाता है। आपसे कितने जीव जन्मे, मैं कितना कहूँ!

ताहादेर बृत्ति जत तोमार ईखणे स्वतः जन्मे प्रभु तुमि सर्बेश्वर सकल जन्तुर तुमि स्वभाबिक नित्य-स्वामी सुहृन् मित्र प्राणेर ईश्वर
अर्थ

हे प्रभु! आपकी एक दृष्टि से ही सब कुछ जन्म लेता है। आप ही सबके स्वामी हैं। समस्त जीवों के आप स्वाभाविक और नित्य स्वामी हैं, उनके शुभचिंतक मित्र हैं, और उनके प्राणों के भी स्वामी हैं।

ए भक्तिबिनोद कोय शुनो प्रभु दोयामोय भक्ति प्रति बात्सल्य तोमार नैसर्गिक धर्म होय औपाधिक कभु नोय दासे दोया होइया उदार
अर्थ

भक्तिविनोद कहते हैं, हे दयामय प्रभु, सुनिए। अपने भक्तों के प्रति आपका जो वात्सल्य-स्नेह है, वह आपका स्वाभाविक गुण है, वह कभी अस्थायी या कृत्रिम नहीं है। आप अपने दासों पर सदा कृपालु और उदार रहते हैं।

इस भजन के बारे में

ग्रन्थ
गीतमाला
पद
3