राधा कृष्ण प्राण मोर
राधा-कृष्ण प्राण मोर जुगल-किशोर
प्रार्थना (नरोत्तम दास ठाकुर) से।
सब गोपियों से मिलकर की गई एक विनती। इसमें प्रार्थना के अन्त का वही क्रम आगे चलता है, जिसमें व्रज के उन निवासियों से सीधी विनती की जाती है, जिनके माध्यम से भक्त राधा और कृष्ण तक पहुँचता है।
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