हरि हरि! आर कि एमन दशा हब
हरि हरि! आर कि एमन दशा हब
प्रार्थना (नरोत्तम दास ठाकुर) से।
चार भजन, जिनमें भक्त विशेष रूप से श्री वृन्दावन धाम में वास करने की अभिलाषा व्यक्त करता है। पिछले खण्डों की व्यापक लालसा यहाँ इसी एक, नाम से बताए गए स्थान पर केन्द्रित हो जाती है: कृष्ण की लीलाओं का नित्य धाम, जो गौड़ीय वैष्णवों के भक्ति-भूगोल का केन्द्र है।
4 भजन