Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

गोठ बिजयी ब्रज राज किशोर

गोठ बिजयी ब्रज-राज किशोर जननी-बिरचित बेश उजोर
अर्थ

व्रज के युवराज गोचारण के लिए गोष्ठ को चल पड़ते हैं; उनका उज्ज्वल वेश स्वयं उनकी माता ने सजाया है।

आगे अगणित कत गो-धन चलिया पाछे ब्रज-बालक हइ हइ बलिया
अर्थ

उनके आगे-आगे गायों के अनगिनत झुंड चलते हैं, यह धन गिनती से परे है; उनके पीछे-पीछे व्रज के बालक आनन्द से 'हइ! हइ!' पुकारते हुए आते हैं।

सम बय बेश सबहु करि छान्द राम बामे चलु श्यामर-चान्द
अर्थ

सब समान आयु और समान वेश में एक ही लय से चलते हुए, बलराम उस चन्द्र-सम श्यामवर्ण के बाईं ओर चलते हैं।

मयूर शिखण्ड चूडे झलमलिया मणिमय कुण्डल टलमलिया
अर्थ

उनके मुकुट पर मोरपंख चमकता है, और उनके कानों में मणिमय कुण्डल झूलते और चमकते हैं।

शिर-पर चान्द अधर-पर मुरली चल-इते पन्थे करये कत कुरली
अर्थ

उनके सिर पर उस पंख का चन्द्रमा है, उनके अधरों पर वंशी है; मार्ग पर चलते हुए वे कितनी ही विनोदपूर्ण, छेड़छाड़ भरी चेष्टाएँ करते हैं।

कटि-तटे पीत पाटाम्बर बनिया मन्थर गति चलु गज-बर जिनिया
अर्थ

उनकी कमर पर पीत रेशमी वस्त्र बँधा है, वे धीमी, झूमती चाल से चलते हैं जो श्रेष्ठतम हाथी की चाल को भी मात कर देती है।

मणि-मञ्जीर बाजत रण-झनिया गोबिन्द-दास कह-इ धनि धनिया
अर्थ

उनके मणिमय नूपुर रुनझुन ध्वनि से बज उठते हैं, गोविन्द दास बार-बार पुकार उठते हैं, 'धन्य है, धन्य है यह दृश्य!'

इस भजन के बारे में

पद
7