Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

कानु कथा शुनि गदगद भाष

कानु-कथा शुनि गदगद भाष मिलति सहचरी रा-इक पाश
अर्थ

कान्हा का समाचार सुनकर, भाव से गद्गद वाणी में, सखी राधा के पास आकर मिलती है।

कहतहि सहचरी शुन बर गोर तुया लागि हालत नन्द-किशोर
अर्थ

सखी कहती है, "सुन, हे गौरी, तेरे कारण नन्द का युवा पुत्र अत्यन्त व्याकुल है।"

तुया रूप निरख-इ तरु दे-इ कोर हेर-इते गलतहि लोचन-लोर
अर्थ

"तेरे रूप को मन में निहारते हुए वह तेरी जगह एक पेड़ को गले लगा लेता है; देखते-देखते उसकी आँखों से आँसू बहने लगते हैं।"

यब नाहि सुन्दर करबि पयान तब जि-उ तेजब नागर कान
अर्थ

"यदि तू उसके पास नहीं गई, हे सुन्दरी, तो प्रेमी कान्हा अपने प्राण ही त्याग देगा।"

सह-इ न पार-इ मदन-हुताश चामर ढुलायत गोबिन्द-दास
अर्थ

वह अब कामदेव की जलती अग्नि को सह नहीं पा रहा। उस आग को शान्त करने के लिए गोविन्द दास उस पर चँवर डुला रहे हैं।

इस भजन के बारे में

पद
5