Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

कि आनन्द नदीया नगरे

कि आनन्द नदीया-नगरे निमा-इर बिबाह-कथा प्रति घरे घरे
अर्थ

नदिया नगर में यह कैसा आनन्द छाया हुआ है? निमाई के विवाह का समाचार घर-घर पहुँच रहा है।

कि नारी पुरुष नदीयार बिबाह देखिते हिया उथले सबार
अर्थ

नदिया के स्त्री-पुरुषों को क्या हो गया है? निमाई का विवाह देखने की इच्छा से सबके हृदय उमड़ पड़े हैं।

भाट-गण चलये धा-इया पा-इब अनेक धन मने बिचारिया
अर्थ

भाट कवि दौड़ रहे हैं। वे मन में सोचते हैं कि उन्हें अनमोल निधि मिलेगी।

नर्तक बादक आदि यत करे धा-ओया धा-इ कत करि मनोरथ
अर्थ

नर्तक, वादक और दूसरे कलाकार भी दौड़ रहे हैं। उनके मन में न जाने कितनी इच्छाएँ भरी हैं।

चलये गणक-गण दाञा कर-इब बिबाह अपूर्ब लग्न पाञा
अर्थ

ज्योतिषी भी दौड़ रहे हैं। विवाह के लिए उनके पास एक अद्भुत शुभ लग्न है।

माली-गण चलये उल्लासे नाना पुष्प-हार लञा श्री-शची आबासे
अर्थ

माली आनन्द से दौड़ रहे हैं। वे तरह-तरह के फूलों के हार लेकर शची के घर आ रहे हैं।

एक मुखे कहिबे के कत दरिद्र याचक तारा चले शत शत
अर्थ

केवल एक मुख वाला कौन व्यक्ति इन सब लीलाओं का वर्णन करने की शक्ति रखता है? इनका वर्णन करने के लिए कितने मुख पर्याप्त होंगे? सैकड़ों-सैकड़ों निर्धन याचक घर पर आ रहे हैं।

नरहरि-मने ए-इ आश देखिब दु-आङ्खि भरि बिबाह बिलास
अर्थ

नरहरि के मन में यह इच्छा बनी रहती है: काश, अपनी दोनों आँखें भरकर मैं किसी दिन भगवान् निमाई के विवाह की लीलाएँ देख पाऊँ।

इस भजन के बारे में

रचयिता
नरहरि दास
पद
8