Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

नहि उठल दोंहे कुण्डक तीर

नाहि उठल दोंहे कुण्डक-तीर तनु तनु लागल पातल चीर
अर्थ

स्नान करके वे दोनों कुण्ड के तट पर आए; उनके पतले वस्त्र उनके अंगों से चिपक गए।

अङ्गे बन-ओल नब नब बेश कुञ्जक-माझे करल परबेश
अर्थ

अपने शरीरों पर उन्होंने नित नए वेश धारण कर लिए थे; वे दोनों साथ-साथ कुंज में प्रवेश कर गए।

बिबिध मिठा-इ कतहु उपहार भोजन करि तांहि कत परकार
अर्थ

यहाँ-वहाँ से भेंट में आई तरह-तरह की मिठाइयाँ उन्होंने मिलकर खाईं, कितने ही प्रकार की।

रा-इक यतने सो-इ श्याम-राय बहु-बिध भुजल हरिष हियाय
अर्थ

राधा के यत्न से उन्हीं श्याम प्रभु ने हृदय में हर्ष भरकर अनेक प्रकार से भोजन किया।

इस भजन के बारे में

पद
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