राधे! कृष्णेर कुशल बलि कुन्दलता
हे राधे! कुन्दलता कृष्ण का कुशल-समाचार सुनाकर आपको बुलाएँगी, कि आप नन्दीश्वर जाकर अपने प्राणनाथ के लिए अन्न पकाएँ।
"हे सखियो! श्रीराधा को साथ लेकर सब नन्दीश्वर चलो। यशोमती की प्रार्थना पर जटिला ने जाने की आज्ञा दे दी है।"
"देर हुई तो कृष्ण के भोजन में बहुत देर होगी। वे गो-चारण की यात्रा जल्दी निपटाकर राधाकुण्ड की ओर आएँगे।"
यह सुनकर हम सब उतावली होकर एक साथ उठेंगी, और आपको लेकर नन्दीश्वर जाकर सब कृष्ण की सेवा करेंगी।
इस भजन के बारे में
- रचयिता
- भक्तिविनोद ठाकुर · जीवनी पढ़ें
- ग्रन्थ
- सेवा लालसा
- भाव
- पद
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