Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

राधे! प्रत्युषे तोमार सुगन्धि सलिले

राधे! प्रत्युषे तोमार, सुगन्धि सलिले, मुख-चन्द्र धोयाइब सुगन्धि तैलेते, उद्ध्वर्तन क्रिया करे स्नान कराइब
अर्थ

हे राधे! भोर में मैं सुगन्धित जल से आपका चन्द्र-मुख धुलाऊँगी, सुगन्धित तेल से उबटन लगाकर आपको स्नान कराऊँगी।

श्री-रूप-मञ्जरी, निर्देश बुझिया पराइब सुवसन ललिता आदेशे, तोमा साजाइब दिया नाना आभरण
अर्थ

आपका संकेत समझकर श्रीरूप-मंजरी आपको सुन्दर वस्त्र पहनाएँगी। ललिता के आदेश पर मैं तरह-तरह के आभूषणों से आपको सजाऊँगी।

चरणे अलक्त, सिँताय सिन्धुर ललाटे तिलक दिब से रूप देखिया, आनन्द मझिया पद-तले पडे रब
अर्थ

मैं आपके चरणों में आलता, माँग में सिन्दूर और माथे पर तिलक लगाऊँगी। वह रूप देखकर, आनन्द में डूबकर, मैं आपके चरणों में पड़ी रहूँगी।

सब सखी मिले, रसोद्गार कथा तोमार सभाय बलि कुन्दलता सखी, यशोदा आज्ञाय से काले आसिबे चले
अर्थ

सब सखियों के मिलने पर आपकी सभा में रस से भरी बातें होंगी। तभी यशोदा की आज्ञा से कुन्दलता सखी वहाँ आ पहुँचेंगी।

इस भजन के बारे में

ग्रन्थ
सेवा लालसा
पद
4