Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

रिङ्गन केलि कुले जननी सुख करी

रिङ्गन-केलि-कुले जननी-सुख-करी व्रज-दृशि सुकृत-स्फुरद्-अवतरी
अर्थ

आपकी घुटनों के बल चलने की लीलाएँ आपकी माता को सुख देती हैं। आपके दर्शन से व्रज की आँखें धन्य हो जाती हैं।

टेक
वलयित-बाल्य-विलास जय बल-वलित हरे
अर्थ

हे हरि, हे बलराम के साथी, हे शिशु की लीलाएँ करने वाले प्रभु, आपकी जय हो!

किङ्किणि-गण-रणने हृदि रुचि-धरी पद-युग-चलन-कुतुक-विहरि
अर्थ

आप उत्सुकता से अपने चरण चलाते हैं। आपके पैरों के घुँघरुओं की मधुर झनकार सबके हृदय को आनन्द देती है।

गोरस-कीर्णि-भवे पङ्के लघु-चरी वरण-करण-वग्-अतिचरी
अर्थ

रुकने के आदेश को न मानकर आप दूध से कीचड़ बनी भूमि पर धीरे-धीरे घुटनों के बल चलते हैं।

अकलित-जन-मिलने तस्मद् अपसरी जननीं प्रति गति-चपल-भरी
अर्थ

दूसरे लोगों पर ध्यान न देकर आप तेज़ी से घुटनों के बल अपनी माता के पास पहुँच जाते हैं।

जननी-स्तन-वसने भय-भग् अनुहरी तत्र पयोरस-विसरहरी
अर्थ

आप डरते-डरते माता के स्तन को ढकने वाली चोली के समान बन जाते हैं, और वहाँ दूध की बहुत बड़ी धारा पीते हैं।

वपुषि मृद-मलिने मृदुतपहरी जननी-कर-कृत-मृजयहरी
अर्थ

आपकी माता अपने हाथ से आपके मिट्टी से सने शरीर को कोमलता से धोती हैं।

अपि तन्द्र-वलने स्तन-पम् अनुकरी जननी-स्मित-पतद्-अमृतसरी
अर्थ

आपको नींद आने लगती है और आप केवल स्तनपान करने का अभिनय करते हैं। आपकी माता की मुस्कान से अमृत की वर्षा होती है।

इस भजन के बारे में

पद
8