Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

आमि तो’ स्वानन्द सुखद बासी

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आमि तो’ स्वानन्द-सुखद-बासी राधिका-माधव-चरण-दासी
अर्थ

मैं स्वानन्द सुखद कुंज की निवासिनी हूँ, और श्री श्री राधिका-माधव के चरणों की दासी हूँ।

दुँहार मिलने आनन्द कोरि दुँहार वियोगे दुःखेते मरि
अर्थ

जब राधा-माधव मिलते हैं, तब मैं आनंदित होती हूँ। जब वे बिछुड़ते हैं, तब मैं दुख से मरने लगती हूँ।

सखी-स्थली नाहि हेरि नयने देखिले शैब्याके परये मने
अर्थ

मैं सखी-स्थली की ओर आँख उठाकर कभी नहीं देखती। यदि देख भी लूँ, तो मुझे शैव्या का स्मरण हो आता है।

जे-जे प्रतिकूल चन्द्रार सखी प्राने दुःख पाइ ताहारे देखि’
अर्थ

चंद्रावली की जो भी सखियाँ प्रतिकूल हैं, उन्हें देखकर मेरे हृदय को पीड़ा होती है।

राधिका-कुञ्ज आँधार कोरि’ लोइते चाहे से राधार हरि
अर्थ

वे सदा राधा के हरि को छीनकर ले जाना चाहती हैं, और राधा के कुंज को अंधकार से ढँक देना चाहती हैं।

श्री-राधा-गोविन्द-मिलन-सुख प्रतिकूल-जन ना हेरि मुख
अर्थ

श्री राधा और श्री गोविंद के मिलन के सुख के जो विरोधी हैं, उनका मुख मैं कभी नहीं देखती।

राधा-प्रतिकूल जतेक जन सम्भाषने कभु ना होय् मन
अर्थ

जो राधा के प्रतिकूल हैं, उनसे बात करने की इच्छा मेरे मन में कभी नहीं होती।

भकतिविनोद श्री-राधा-चरणे सँपेछे परान अतीव जतने
अर्थ

भक्तिविनोद ने श्री राधा के चरणों में अपना हृदय बड़ी सावधानी से समर्पित कर दिया है।