Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

आत्म समर्पने गेला अभिमान्

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टेक्स्ट
आत्म-समर्पने गेला अभिमान् नाहि कोरोबुँ निज रखा-विधान्
अर्थ

अपने आपको पूर्णतः समर्पित करने से मेरा मिथ्या अहंकार दूर हो गया है। अब मैं अपनी रक्षा का कोई प्रबंध स्वयं नहीं करूँगा।

तुवा धन जानि’ तुहुँ राखोबि, नाथ्! पाल्य गोधन ज्ञान कोरि’ तुवा साथ्
अर्थ

हे नाथ! मुझे अपनी संपत्ति जानकर आप मेरा पालन करेंगे, और अपनी रक्षित गौओं में से एक मानकर मुझे अपने साथ रखेंगे।

चराओबि माधव! जामुन-तीरे बंशी बाजाओतो डाकोबि धीरे
अर्थ

हे माधव! आप यमुना के तट पर मुझे चराएँगे। आप अपनी बाँसुरी बजाकर मुझे धीरे से बुलाएँगे।

अघ-बक मारतो रखा-विधान् कोरोबि सदा तुहुँ गोकुल-कान्!
अर्थ

अघासुर, बकासुर आदि राक्षसों का वध करके, हे गोकुल के कान्ह! आप मेरी रक्षा का प्रबंध सदा करते रहेंगे।

रखा कोरोबि तुहुँ निश्चोय् जानि पान कोरोबुँ हाम जामुन-पानि
अर्थ

यह जानकर कि आप निश्चय ही मेरी रक्षा करेंगे, मैं यमुना का जल पी लूँगा, चाहे वह कालिय नाग के विष से दूषित ही क्यों न हो।

कालिय-दोख कोरोबि विनाशा शोधोबि नदी-जल, बाडाओबि आशा
अर्थ

आप कालिय के अपराधों का नाश करेंगे, यमुना के जल को शुद्ध करेंगे, और इस प्रकार मेरी आस्था को और बढ़ाएँगे।

पियतो दावानल राखोबि मो’य् `गोपाल’, `गोविन्द’ नाम तव होय्
अर्थ

दावानल को निगल कर आप मेरी रक्षा करेंगे, और इसी कारण आपका नाम 'गोपाल' और 'गोविंद' पड़ेगा।

सुर-पति-दुर्मति-नाश विचारि’ राखोबि वर्षने, गिरि-वर-धारि!
अर्थ

देवराज इन्द्र के दुर्मति अभिमान को चूर करने का निश्चय करके, हे गिरिराज गोवर्धन को धारण करने वाले! आप मुझे उस वर्षा से बचाएँगे।

चतुर्-आनन कोरबो जब् चोरि रखा कोरोबि मुझे, गोकुल-हरि!
अर्थ

जब चतुरानन ब्रह्मा मुझे चुरा लेंगे, तब हे गोकुल के हरि! आप ही मेरी रक्षा करेंगे।

भकतिविनोद—तुवा गोकुल-धन् राखोबि केशव! कोरतो जतन्
अर्थ

भक्तिविनोद आपकी गोकुल की एक गौ है। हे केशव! आप निश्चय ही उसकी सावधानी से रक्षा करेंगे।