Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

जय कृत मथुर प्रवेश भवुक

जय कृत-मथुरा-प्रवेश-भावुक माथुर-जनता-सुभगं-भावुक
अर्थ

हे प्रभु, आपकी जय हो, जिन्होंने मथुरा में शोभा के साथ प्रवेश किया, हे प्रभु, जिन्होंने मथुरा के लोगों को आनन्दित किया, ...

नाना-विलसित-नन्दित-नागर नागर-वधू-जन-मोहन-नागर
अर्थ

... हे प्रभु, जिनकी विविध लीलाओं ने नगर के लोगों को आनन्दित किया, हे वीर, जिन्होंने मथुरा की स्त्रियों को मोहित किया, ...

स-रजक-कंसक-वसनादायक कृत-रुचि-वायिनि निज-रुचि-दायक
अर्थ

... हे प्रभु, जिन्होंने एक धोबी से कंस के वस्त्र ले लिए, हे प्रभु, जिन्होंने उस दर्जी को, जिसने आपको प्रसन्न किया, अपनी शोभा प्रदान की, ...

भक्त-गणे धृत-करुणा-पूरक मालाकार-मनोरथ-पूरक
अर्थ

... हे प्रभु, जो अपने भक्तों के प्रति करुणा से परिपूर्ण हैं, हे प्रभु, जिन्होंने एक माली की इच्छाएँ पूरी कीं, ...

तनु-तत-कुब्जा-चन्दन-चित्रक कुब्जा-वक्रिम-हृति-कृत-चित्रक
अर्थ

... हे प्रभु, जिनके शरीर पर एक कुब्जा कन्या ने कलात्मक रूप से चन्दन का लेप लगाया, हे प्रभु, जिन्होंने उस कन्या का टेढ़ापन दूर करके उसे अद्भुत सुन्दर बना दिया, ...

कंस-मख-स्थित-धनुर्-अनुयोजक नगर-जनानां सुख-शत-योजक
अर्थ

... हे प्रभु, जिन्होंने कंस की यज्ञ-रंगभूमि में रखे धनुष के विषय में पूछा, हे प्रभु, जिन्होंने मथुरा के लोगों को सैकड़ों सुख दिए, ...

कंस-धनुर्-मख-धनुर्-अनुभङ्गद तद्-असहनोद्धत-योद्धृषु भङ्गद
अर्थ

... हे प्रभु, जिन्होंने कंस के धनुर्यज्ञ का धनुष तोड़ा, हे प्रभु, जिन्होंने अनेक उग्र और अजेय योद्धाओं को परास्त किया, ...

हस्तिपम् अनु निज-वर्त्म-समर्दक तस्मिन् धृत-रुषि हस्ति-विमर्दक
अर्थ

... हे प्रभु, जिनका मार्ग एक महावत ने रोक लिया, हे प्रभु, जिन्होंने क्रोधित हाथी को कुचल दिया, ...

भ्रात्रा सह करि-दन्त-विभूषण रङ्गं प्रविशन् भोज-विभूषण
अर्थ

... हे प्रभु, जिन्होंने अपने भाई के साथ, हाथी-दाँत से सुशोभित होकर, रंगभूमि में प्रवेश किया, हे भोज वंश के भूषण, ...

गज-रक्तादिभिर् अङ्गं परिचित बहु-विध-भावैर् विविधं परिचित
अर्थ

... हे प्रभु, जिनका शरीर हाथी के रक्त की बूँदों से सींचा हुआ था, हे प्रभु, जिन्हें रंगभूमि के अलग-अलग समूहों ने अलग-अलग रूप में देखा, ...

जगति समन्ताद् अप्रति-मल्लक कंसाग्रे हत-तत्-प्रतिमल्लक
अर्थ

... हे प्रभु, जिन्हें सारे जगत् में कोई नहीं हरा सका, हे प्रभु, जिन्होंने कंस के देखते-देखते पहलवानों को मार डाला, ...

सदसि समस्ते नास्ति-समोहन मल्ल-नटन-कृत-विश्व-विमोहन
अर्थ

... हे प्रभु, जिनकी अभूतपूर्व शक्ति ने पूरी सभा को चकित कर दिया, हे प्रभु, जिनकी पहलवानों के साथ सुन्दर कुश्ती ने सबको मोहित कर दिया, ...

कंसज-गुरु-निन्दन-कम्पाकुल दृष्टि-विकीर्ण-द्युति-शम्पाकुल
अर्थ

... हे प्रभु, जो कंस द्वारा गुरुजनों का अपमान किए जाने पर क्रोध से काँप उठे, हे प्रभु, जिनकी दृष्टि चमकती हुई बिजली थी, ...

प्लुति-लीलाकृत-मञ्च-क्षोभक क्रीडा-विक्रम-कंस-क्षोभक
अर्थ

... हे प्रभु, जो लीला से कूदकर राजकीय मंच पर चढ़ गए और उसे हिला दिया, हे प्रभु, जिनकी क्रीड़ा-भरी शक्ति ने कंस को भय से काँपने पर विवश कर दिया, ...

सहसा मञ्चात् कंस-निपातक तेन ध्वस्त-त्रि-जगत्-पातक
अर्थ

... हे प्रभु, जिन्होंने कंस को राजकीय मंच से बलपूर्वक नीचे फेंक दिया, हे प्रभु, जिन्होंने तीनों लोकों के सबसे बड़े पापी कंस को मार डाला, ...

अखिल-जनानां दुःख-विमोक्षद कंसस्यापि च सहसा मोक्षद
अर्थ

... हे प्रभु, जिन्होंने सबके दुःख दूर किए, हे प्रभु, जिन्होंने कंस को भी तुरन्त मोक्ष दिया, ...

मोचित-वसुदेवादिक-बन्धक साधु-सुखं प्रति धृत-निर्बन्धक
अर्थ

... हे प्रभु, जिन्होंने वसुदेव और अन्य लोगों को उनकी बेड़ियों से मुक्त किया, हे प्रभु, जो अपने भक्तों को प्रसन्न करने के लिए उत्सुक रहते हैं, ...

विश्रान्तिं प्रति कंसाकर्षक व्यञ्जित-निज-बल-वलयोत्कर्षक
अर्थ

... हे प्रभु, जिन्होंने यह सिद्ध करने के लिए कि कंस मर चुका है, उसे इधर-उधर घसीटा, हे प्रभु, जिन्होंने प्रकट किया कि आप बलवानों में भी सबसे बलवान हैं, ...

कंस-पितरि निज-राज्य-निधायक निज-यशसाखिल-शर्म-विधायक
अर्थ

... हे प्रभु, जिन्होंने कंस के पिता (उग्रसेन) को उनका राज्य लौटा दिया, हे प्रभु, जिनकी कीर्ति ने सारे संसार को आनन्दित कर दिया, ...

व्रजतः पोष्याखिल-निस्तारक पुनर् अपि च व्रज-सुख-विस्तारक
अर्थ

... हे प्रभु, जो अपने आश्रितों की रक्षा करते हैं, हे प्रभु, जो फिर से व्रज में सुख बढ़ाएँगे, ...

जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय. वीर.
अर्थ

... हे वीर, जय, जय, जय, जय, जय, जय, जय, जय, जय, जय, जय, जय, जय, जय, जय, जय हो आपकी!

इस भजन के बारे में

पद
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