Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

राधा कुन्ड तट कुञ्ज कुटीर्

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राधा-कुन्ड-तट-कुञ्ज-कुटीर् गोवर्धन-पर्वत, जामुन-तीर्
अर्थ

राधा-कुण्ड के तट पर, कुंज में बना कुटीर... गोवर्धन पर्वत, यमुना का तट...

कुसुम-सरोवर, मानस-गङ्गा कलिन्द-नन्दिनी विपुल-तरङ्ग
अर्थ

कुसुम सरोवर, मानस गंगा... यमुना की विशाल लहरें...

वंशी-वट, गोकुल, धीर-समीर् बृन्दाबन-तरु-लतिका-बानीर्
अर्थ

वंशी वट, गोकुल, धीर समीर... वृन्दावन के वृक्ष, लताएँ, ताड़ के पेड़...

खग-मृग-कुल, मलय-बातास् मयूर, भ्रमर, मुरली-विलास्
अर्थ

पक्षियों और पशुओं के समूह, वसंत की शीतल हवा... मयूर, भ्रमर, और मुरली की लीला...

वेनु, शृङ्ग, पद-चिह्न, मेघ-माला वसन्त, शशङ्क, शङ्ख, करताल
अर्थ

वेणु बांसुरी, सींग की तुरही, गायों के पैरों के निशान, बादलों की पंक्तियाँ... वसंत, चंद्रमा, शंख, करताल...

युगल-विलासे अनुकूल जानि लीला-विलासे-उद्दीपक मानि
अर्थ

मैं जानता हूँ कि ये सभी वस्तुएँ युगल की लीलाओं के अनुकूल हैं, और मैं जानता हूँ कि ये सब उनकी प्रेम-लीलाओं को उद्दीप्त करती हैं।

ए सब छोडतो कँहि नाहि जाउ ए सब छोडतो परान हाराउ
अर्थ

इन सबको छोड़कर मैं कहीं और नहीं जाऊँगा। यदि मैं इन्हें छोड़ दूँ, तो मैं अपना प्राण ही खो दूँगा।

भकतिविनोद कोहे, शुनो कान्! तुवा उद्दीपक हामारा परान्
अर्थ

भक्तिविनोद कहते हैं, "हे कान्ह! सुनिए, आपकी स्मृति दिलाने वाली ये सब वस्तुएँ ही मेरे प्राण हैं।"

ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री, इस्कॉन भक्त। सभी भक्त गायकों की जय।