Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

आमार बोलिते प्रभु

`आमार’ बोलिते प्रभु! आरे किछु नाइ तुमि-इ आमार मात्र पिता-बन्धु-भाइ
अर्थ

हे प्रभु! 'मेरा' कहने योग्य और कुछ भी नहीं है। तुम ही मेरे पिता हो, तुम ही मेरे बन्धु हो, और तुम ही मेरे भाई हो।

बन्धु, दारा, सुत, सुता—तव दासी दास् सेइ तो’ सम्बन्धे सबे आमार प्रयास्
अर्थ

मेरे बन्धु, पत्नी, पुत्र और पुत्रियाँ, सब तुम्हारे ही दास-दासी हैं। मेरे सभी प्रयास इसी सम्बन्ध पर आधारित हैं।

धन, जन, गृह, दार `तोमार’ बोलिया रखा कोरि आमि मात्रो सेवक होइया
अर्थ

धन, परिजन, घर-द्वार, सबको 'तुम्हारा' मानकर, मैं केवल तुम्हारा सेवक बनकर उनकी रक्षा करता हूँ।

तोमार कार्येर तोरे उपर्जिबो धन् तोमार संसारे-व्यय कोरिबो वहन्
अर्थ

तुम्हारे ही कार्य के लिये मैं धन कमाऊँगा, और तुम्हारे घर का व्यय भी मैं ही वहन करूँगा।

भालो-मन्द नाहि जानि सेवा मात्रो कोरि तोमार संसारे आमि विषय-प्रहरी
अर्थ

अच्छा-बुरा मैं कुछ नहीं जानता, केवल सेवा करता हूँ। तुम्हारे घर में मैं मात्र सम्पत्ति का प्रहरी हूँ।

तोमार इच्छाय मोर इन्द्रिय-चालना श्रवन, दर्शन, घ्रान, भोजन-वासना
अर्थ

तुम्हारी ही इच्छा से मेरी इन्द्रियाँ चलती हैं, सुनने, देखने, सूँघने, खाने की सभी इच्छाएँ तुम्हारे अधीन हैं।

निज-सुख लागि’ किछु नाहि कोरि आर् भकतिविनोद बोले, तव सुख-सार्
अर्थ

अब अपने सुख के लिये मैं और कुछ नहीं करता। भक्तिविनोद कहते हैं: तुम्हारा सुख ही सार है।

इस भजन के बारे में

ग्रन्थ
शरणागति
पद
7

ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री। सभी भक्त गायकों की जय।