Vaishnava Songs
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“तुलसी” के परिणाम

23 भजन · 22 पद भजन के शब्दों में · 11 पद अर्थ में

1 पद अर्थ में

भक्तिविनोद ठाकुर · कल्याण-कल्पतरु

  • पद 4अर्थ
    हे भाई, अगुरु और चन्दन न हो तो मिट्टी का तिलक लगा ले। हार के बदले तुलसी-माला पहन। इस तरह कामनाओं के फंदे और सुख-भोग के बुरे विलास को घटा, और संसार की आग से छूट जा।
1 पद अर्थ में

भक्तिविनोद ठाकुर · गीतमाला

  • पद 5अर्थ
    . . . पक्षी, भ्रमर, मृग तथा अन्य पशु, वन-कुंज, तुलसी, फूलों वाली लताएँ, कर्णिकार वृक्ष, कदम्ब वृक्ष तथा अन्य वृक्ष, और वृन्दावन का समस्त वैभव, ये सब भगवान कृष्ण से सम्बन्धित वस्तुएँ हैं। ये उद्दीपन रसों को अत्यंत सुन्दर बना देते हैं।
1 पद अर्थ में

भक्तिविनोद ठाकुर · बाउल संगीत

  • पद 1अर्थ
    …में तू गृहस्थों से भी अधिक भोगी है। इसके अलावा तू दिखावे के लिए लंगोटी पहनता और हाथ में तुलसी-माला रखता है, पर बोझ ढोने वाले पशु की तरह विभिन्न स्त्रियों को अपनी सेवा-दासी बनाने के फंदे में फँसाने का भार उठाता है।…