Vaishnava Songs
अध्याय

दीन कृष्ण दास

गौड़ीय वैष्णव आचार्यों के भजन (नरहरि दास) से।

आनन्द भरी महिमा का एक भजन, जय जय महाप्रभु जय गौरचन्द्र, जिस पर दीन कृष्ण दास की छाप है। उनका विनम्र उपनाम, दीन यानी नीच, अपने आप में इस पूरी परम्परा की पदावली की भणिता-पंक्तियों की एक आम रीति है।

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