चैतन्य कल्प तरु अद्वैत ये शाखा गुरु
चैतन्य कल्प-तरु अद्वैत ये शाखा-गुरु
गौड़ीय वैष्णव आचार्यों के भजन (नरहरि दास) से।
एक भजन, जिसमें अद्वैत आचार्य का वर्णन चैतन्य रूपी कल्पवृक्ष की एक शाखा के रूप में है। इस पर उद्धव दास की छाप है। इस संग्रह में ऐसे भजन कम ही हैं जो स्वयं चैतन्य महाप्रभु के बजाय विशेष रूप से अद्वैत आचार्य पर केन्द्रित हों।
1 भजन