Vaishnava Songs
अध्याय

अनन्त आचार्य

गौड़ीय वैष्णव आचार्यों के भजन (नरहरि दास) से।

गौर-चन्द्रिका के चार भजन, जिनमें चैतन्य महाप्रभु का शची-पुत्र और नवद्वीप के धन के रूप में वर्णन है। ये अनन्त आचार्य की छाप के साथ यहाँ इकट्ठे हैं। इस संग्रह के बहुत-से कवियों की तरह, वे भी मुख्य रूप से उन्हीं थोड़े-से पदों से जाने जाते हैं जिनमें उनकी अपनी भणिता है।

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4 भजन