Vaishnava Songs
अध्याय

शंकर घोष

गौड़ीय वैष्णव आचार्यों के भजन (नरहरि दास) से।

गौर-चन्द्रिका का एक भजन, देख रे देख रे सुन्दर शची नन्दन, जिस पर शंकर घोष की छाप है। उनका उपनाम उन तीन घोष भाइयों से मिलता है जिनके इस संग्रह में अपने-अपने अध्याय हैं, पर उनसे इनका सम्बन्ध पुष्ट नहीं है।

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