Vaishnava Songs
अध्याय

रामकान्त दास

गौड़ीय वैष्णव आचार्यों के भजन (नरहरि दास) से।

एक भजन, कनक धराधर मद हर देह, जिसमें चैतन्य के स्वर्णिम, मेघ जैसे रूप का वर्णन है। इस पर रामकान्त दास की छाप है।

आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

1 भजन