Vaishnava Songs
अध्याय

राधामोहन

गौड़ीय वैष्णव आचार्यों के भजन (नरहरि दास) से।

राधामोहन की छाप वाले चार भजन, जिनमें दो पद बंगाली के बजाय संस्कृत में हैं: वन्दे विश्वम्भर-पद-कमलम् और पश्य शची-सुतम् अनुप-रूपम्। इनसे याद आता है कि इस परम्परा के कवियों में पदावली रचना अधिकतर बंगाली में होते हुए भी पूरी तरह बंगाली में ही नहीं थी।

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4 भजन