Vaishnava Songs
अध्याय

चैतन्य दास

गौड़ीय वैष्णव आचार्यों के भजन (नरहरि दास) से।

गौर-चन्द्रिका का एक भजन, देख देख अपरूप गौरांग बिलास, जिसमें गौरांग की अद्भुत लीलाओं का वर्णन है। इस संग्रह के उन कई कवियों में वे भी हैं जिनका केवल एक ही पद बचा है।

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