केनो भेकेर् प्रयास्?
केनो भेकेर् प्रयास्?
“क” अक्षर से शुरू होने वाले सारे वैष्णव भजन और कीर्तन, देवनागरी लिपि, हिन्दी अर्थ और ऑडियो के साथ।
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केनो भेकेर् प्रयास्?
केनो मन कामेरे नचाओ प्रेम-प्राय
पखि ना जानि कोन् अपराधे
केशव! तुवा जगत विचित्र
नव-प्रियक-मञ्जरी-रचित-कर्ण-पूर-श्रियम्
केशेर बेशे भुलिल देशे
केशेर बेसे भुलिल देश, ताहे रसमय हासि
को कहे अपरूप प्रेम-सुधा-निधि
कोटि मनमथ-गरभ-भर-हर परम सुघर निता-इ हलधर
कोथाय आछिल गोरा एमन सुन्दर
कोथाय गो प्रेममयि राधे राधे